बढ़ापुर। नजीबाबाद वन प्रभाग की दोनों रेंजों में लकड़ी के ठेकेदारों ने खुलेआम परमिट व रवन्ना के पेड़ों पर भी अंधाधुंध कुल्हाड़ी चला रखी है परन्तु विभागीय कर्मचारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए। बीते रात एक ट्रैक्टर ट्रॉली में प्रतिबंधित लकड़ी की वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच दोनों रेंज के अधिकारियों को सौंपी गई। जिसमें समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की टीम किसी निष्कर्ष पर नही पहुच पाई थी।
बताया जाता है कि नगर के मुख्य बाजार से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉली से लकड़ियां बाहर भेजी जाती है। जिनमे अधिकांश परमिट फ्री लकड़ियां तो होती है। परन्तु इनकी आड़ में ही प्रतिबंधित लकड़ियां भी इन ट्रालियों में भरकर निकाली जाती है। जिसके लिये वन विभाग के वन रक्षक व वन दरोगा को बाकायदा ठेकेदार द्वारा सबकुछ बता कर पेशगी देने के बाद खुलेआम बाजार से इन प्रतिबंधित लकड़ियों को निकाला जाता है। जिस कारण लकड़ी के यह ठेकेदार खुले आम सीना ठोककर कहते हैं कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है इसी क्रम में गुरुवार को रात्रि करीब 09:30 बजे एक ट्रैक्टर ट्रॉली जिसमें नीचे प्रतिबंध जामुन व आम की लड़कियां भरी हुई थी तथा उसके ऊपर दिखावे के लिए यूकेलिप्टस भरकर ले जाया जा रहा था। जिसकी वीडियो बनाकर किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया साइट पर अपलोड कर दी गई वीडियो वायरल होने के बाद उक्त वीडियो को विभागीय उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा दिया गया विभाग में उच्च अधिकारियों द्वारा बढ़ापुर रेंज में साहू वाला रेंज के क्षेत्राधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उक्त मामले की जांच करवा आवश्यक कार्यवाही के मौखिक दिशा निर्देश जारी किए गए इसके बाद बढ़ापुर वन रेंज की टीम ने उक्त मामले की जांच की तो उक्त प्रकरण में मौजा बेहड़ी में आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा से लगे हुए इलाके में यूकेलिप्टस सिम्बल व प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों का कटान किया गया था। जिसकी जांच वन दरोगा सईद अहमद द्वारा की गई। जांच उपरांत रिपोर्ट रेंजर के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है।

इस बाबात जब वन क्षेत्राधिकार बढ़ापुर वन रेंज रमेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित जामुन के पेड़ को बिना परमिट काटा गया है। जिसके लिए जांच कर कर विधिक कार्रवाई अमल में ले जा रही है उक्त किसान के नाम से सवेरे जुर्म काटा जाएगा।








